शिक्षा मंत्री की संक्षिप्त जीवनी

Ramesh Pokhriyal 'Nishank'

श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’

वर्ष 1959 मैं जन्मे डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, साथ ही एक प्रसिद्ध लेखक और कवि भी हैं। पहली बार 1991 में तत्कालीन उ. प्र. की कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर उ. प्र. की विधानसभा में पदार्पण किया । उ. प्र. की विधानसभा में लगातार तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रहे । वर्तमान में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार और हरिद्वार क्षेत्र से लोक सभा सांसद है, श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी उत्तराखण्ड राज्य के पाँचवे मुख्यमंत्री रहे हैं।

श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ मौलिक रूप से साहित्यिक विधा के व्यक्ति हैं। अब तक हिन्दी साहित्य की तमाम विधाओं कविता, उपन्यास, खण्ड काव्य, लघु कहानी संस्कृतिक, पर्यटन, यात्रा वृतांत, बाल कहानी और व्यक्तित्व विकास सहित कुल पांच दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी प्रकाशित कृतियों ने उन्हें हिन्दी साहित्य में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। राष्ट्रवाद की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी हुई है। यही कारण है कि उनका नाम राष्ट्रकवियों की श्रेणी में शामिल है। डॉ0 ‘निशंक’ की प्रथम रचना कविता संग्रह ‘समर्पण’ का प्रकाशन 1983 में हुआ था। तब से अब तक उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज भी तमाम व्यस्तताओं के बावजदू उनका लेखन जारी है। यह डॉ0 ‘निशंक’ के साहित्य की प्रासंगिकता और मौलिकता है कि अब तक उनके साहित्य को विश्व की कई भाषाओं जर्मन, अंग्रेजी, फ्रैंच, नेपाली सहित भारत की तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी, गुजराती, पंजाबी, संस्कृत आदि अनेक भाषाओं में अनूदित किया जा चुका है।

इसके अलावा इनके साहित्य को मद्रास, चेन्नई तथा हैंबर्ग विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उनके साहित्य पर अब तक शिक्षाविद् डॉ0 श्यामधर तिवारी, डॉ0 विनय डबराल, डॉ0 नगेन्द्र, डॉ0 सविता मोहन, डॉ0 नन्द किशोर., डॉ0 योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ और डॉ0 सुधाकर तिवारी सहित अनेक शिक्षाविदों द्वारा समी़क्षा ग्रंथों एवम्‌ पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है। डॉ0 ‘निशंक’ के साहित्य पर कई राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों (गढ़वाल विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय, सागर विश्वविद्यालय, मद्रास विश्वविद्यालय, हैंबर्ग विश्वविद्यालय जर्मनी, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा मेरठ विश्वविद्यालय) में शोध कार्य हो चुका है और जारी है।